गरुण पुराण के अनुसार शादीशुदा महिलाओं को नही करने चाहिए यह काम, पति के जीवन पर पड़ता है असर

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दोस्तों जैसा कि आप सभी जानते है कि हिन्दू धर्म में नारी को देवी का दर्जा दिया गया है. उन्हें लक्ष्मी का रूप माना जाता है. इसलिए कहा भी जाता है जिस घर में नारी सुखी वह घर स्वर्ग समान और जिस घर में नारी दुखी होती है वह घर नर्क के समान होता है. इसके साथ ही शास्त्रों में कुछ काम ऐसे भी बताए गए है जो महिलाये को नहीं करना चाहिए आइए जानते है कौन से ये काम …

औरतें छोटी सी बात को जब बोलना शुरू करती है तो वे उसे बहुत ज्यादा बढ़ा लेती है. इसी तरह वह घर के छोटे से झ’गड़े को भी बड़ा कर लेती है. इसलिए कभी भी जब महिला किसी बात पर अपने विचार रखती है तो उसे बोलने से पहले उसे ये जरुर सोच लेना चाहिए कि वह क्या बोल रही है.

हर औरत की ये आदत होती है कि वह अपने पेट में ज्यादा देर कोई बात नही पचा पाती है. इसलिए वह अपने घर की हर बात को भी बाहर बता देती है. औरत जब अपने घर के भेद किसी दुसरे से बताती है तो उसके घर का ख़राब वक़्त शुरू हो जाता है इसलिए कभी भी औरत को अपने घर के भेद किसी दुसरे को नही बताने चाहिए.

शादी के बाद पति और पत्नी एक दुसरे के बिना अधूरे होते है लेकिन कई बार कुछ स्त्रियाँ अपने पति से ज्यादा समय के लिए दूर हो जाती है. ऐसे में उन्हें समाज के तानो के साथ साथ कई तरह की परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है. इसलिए जितना हो सके औरत को अपने पति से ज्यादा दिन तक दूर नही रहना चाहिए.

किसी भी औरत को बुरे चरित्र वाले लोगो से दूर ही रहना चाहिए. जिन लोगो का चरित्र गलत होता है अगर उनके साथ कोई शादीशुदा महिला बात करती है तो लोग उसे भी गलत ही समझते है और उसके चरित्र पर भी उँगलियाँ उठाते है.

कई बार घर में अपनों के बीच लड़ाई या फिर बहस हो जाती है. ऐसे में घर की महिला को चाहिए कि वह संयम से काम लें. जल्दबाजी में आकर अपने से बडो का अपमान न करे. ऐसे मामलो में अक्सर हमे अपनों पर गुस्सा आने लगता है और हम बाहरी लोगो के प्रति प्रेम प्रकट करते है.

शादीशुदा औरत का घर उसका ससुराल होता है. शादी के बाद वह जहाँ भी जाती है अपने पति के साथ जाती है. ऐसे में उसे कभी भी किसी और के घर में अकेले नही रुकना चाहिए. अगर वह किसी और के घर में अकेले रूकती है तो उसे समाज गलत नजर से देखता है और उसे कई तरह के तानो का सामना करना पड़ता है.