Home / दिलचस्प / बीरबल के अंतिम समय के बारे में जानिए

बीरबल के अंतिम समय के बारे में जानिए

दोस्तों अकबर और बीरबल के किस्से तो आपने सुने ही होंगे. बीरबल के पास इतना अधिक दिमाग था की वह कठिन से कठिन सवाल का जबाव मिनटो में हल कर देता था. मुग़ल काल में शहंशाह बादशाह अकबर के दरबार में नौ रत्न हुआ करते थे. इन नौ रत्नों में बीरबल का नाम भी शामिल था जो शहंशाह बादशाह अकबर के लिए बहुत महत्वपूर्ण था. क्योंकि बीरबल बहुत चालक और बुद्धिमान था बीरबल हर कठिन से कठिन सवाल को अपनी बुद्धि की मदद से हल कर देता था. लेकिन दोस्तों क्या आपने सोचा है कि बीरबल की मृत्यु कैसे हुई थी ? नही पता तो आज हम आपके इस बारे में बताने जा रहे है आइये जानते है कि बीरबल की मौ’त कैसे हुई थी.

ये बात 1586 की है जब अफगानिस्तान के युसुफजई कबिले ने मुग़ल सल्तनत के खिलाफ विद्रोह कर दिया. इस वजह से अकबर ने जैन खान कोका के नेतृत्व में पहला सैन्य दल भेजा गया. लेकिन लड़ते-लड़ते इस सैन्य दल के थक जाने के बाद दूसरा सैन्य दल बीरबल के नेतृत्व में भेजा. लेकिन कोका को एक हिन्दू के साथ यह लड़ाई करना बिलकुल भी गवारा नहीं हुआ. और उसने बीरबल का साथ नहीं दिया.

युद्ध के दौरान बीरबल और उनके 8000 सैनिक स्वात वैली में बुरी तरह फंस गए. यहाँ पर दुशमन सेना के हजारों सैनिक घात लगाकर उंचाई पर बैठे हुए थे. उन्होंने अचानक हमला कर दिया और बीरबल और उनके सैनिकों को जान बचाने का मौका भी नहीं मिला. दुश्मन सैनिक आसमान से पत्थर और गोले बरसाते रहे और बीरबल और उनकी पूरी टुकड़ी इस हमले में दब कर मर गई. इस हमले में बीरबल की ला’श भी नहीं मिल पाई थी. और इस तरह एक चातुर्य और बुद्धिबल के मालिक का अंत हो गया.

बीरबल के अंतिम संस्कार के लिए उनका शरीर भी नहीं मिल सका. बीरबल की मृत्यु से दुखी होकर अकबर ने दो दिनों तक कुछ भी नहीं खाया पीया. बाद में उन मरे हुए हजारों सैनिकों का अंतिम संस्कार करवाया गया ताकि बीरबल का भी अंतिम संस्कार हो सके.

About yesviralnow

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *