दुनिया के 5 रहस्य जिनके जवाब नहीं ढूंढ पाया विज्ञान

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दुनिया के कई रहस्य आज भी अनसुलझे हैं. वैज्ञानिकों ने कुछ रहस्यों से तो पर्दा हटा लिया है लेकिन दुनिया की कुछ रहस्यजनक चीजों पर से अभी तक पर्दा नहीं हटाया जा सका है। आइए जानते हैं कुछ ऐसी ही पहेलियों के बारे में जो आज भी सभी के लिए सरदर्द बनी हुई हैं।

द डांसिंग प्लेग ऑफ 1518-
इसके बारे में पढ़कर ऐसा लगता है जैसे यह कोई कहानी हो. 1518 में गर्मी के दिनों में शहर स्ट्रासबर्ग में एक महिला ने सड़क पर भयानक तरीके से नाचना शुरू कर दिया था। दिन से रात हो जाती और रात से दिन पर उसका नाचना बंद नहीं होता। एक सप्ताह के भीतर ही 34 अन्य महिलाओं ने भी उसके साथ नाचना शुरू कर दिया।उन्हें देखकर ऐसा लगता था जैसे कि उनके अंदर किसी आत्मा का वास हो गया हो, नाचने की ना तो कोई वजह थी और ना ही कोई खास मौका। एक महीने के अंदर नाचने वाली महिलाओं की संख्या 400 पहुंच गई। धार्मिक पुरोहितों और लोगों को स्थिति पर नियंत्रण लाने के लिए बुलाया गया। डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को भी बुलाया गया।

कई महिलाओं की हालत खराब होने लगी, यहां तक कि कई महिलाओं की नाचते-नाचते मौत हो गईं। इसके बाद उनके लिए लकड़ी के स्टेज बनाए गए और अलग से हॉल बनाए गए। लोगों का ऐसा मानना था कि डांस कर रही महिलाओं की स्थिति तभी सुधर पाएगी जब वे रात-दिन नाचेंगी. इस घटना के पीछे कई थ्योरी दी गई। जहर, एपिलेप्सी, सामूहिक मानसिक बीमारी कई वजहें बताई गईं और कई तरीके आजमाए गए लेकिन इस ऐतिहासिक घटना का आज तक संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका है।

द एस एस ओरंग मेडान-
जून 1947 में मलक्का की खाड़ी में व्यापारिक मार्ग से कई जहाज गुजर रहे थे। तभी एक एसओेएस संदेश पहुंचा, ‘जहाज के सभी क्रू सदस्यों की मौत हो गई है, नजदीक के जहाज सिग्नल का सोर्स पहचानते हुए उसकी तरफ बढ़े, सबसे नजदीक की मर्चेन्ट शिप ‘द सिल्वल स्टार’ सिग्नल की तरफ तेजी से पहुंची। ओरंग मेडान पर आते ही वे हैरान रह गए. क्रू के हर सदस्य की मौत हो चुकी थी। जहाज पर शव इधर-उधर बिखरे पड़े थे. कई लोगों की आंखें अब तक खुली हुई थीं और उनके चेहरे पर डर साफ दिख रहा था. जहाज पर सवार कुत्ते की भी मौत हो गई थी। बॉयलर रूम में शवों के नजदीक जाने पर क्रू सदस्यों को बहुत ठंड लगने लगी जबकि तापमान 110 डिग्री फॉरेनहाइट था।

आश्यचर्यजनक बात यह रही कि किसी भी शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं थे. ‘द सिल्वर स्टार’ के क्रू सदस्यों ने वापस अपनी जहाज पर जाने का फैसला किया। इससे पहले ही डेक के नीचे से धुआं निकलने लगा. एस एस ओरंग मेडान में विस्फोट होने से कुछ सेकेंड पहले ही वे किसी तरह अपनी शिप पर वापस पहुंच पाए। कुछ लोगों ने इस दुर्घटना के पीछे प्राकृतिक गैसों के बादल बनने का हवाला दिया। वहीं अधिकतर लोग इसके पीछे सुपरनैचुरल पावर को जिम्मेदार ठहराते हैं।

नाजका लाइन्स, नाजका रेगिस्तान, दक्षिणी पेरू-


पेरू में मौजूद इस रेगिस्तानी सतह पर ऐसी आकृतियां बनी हुईं है, जो आपको चौंका सकती हैं. इनमें से कुछ इंसानों, पौधों और जानवरों की मालूम पड़ती हैं। इसके अलावा वहां सतह पर सीधी रेखाएं भी दिखलाई पड़ती हैं। माना जाता है कि ये रेखाएं 200 ईसा पूर्व से इसी तरह मौजूद हैं. ये लाइनें करीब 500 वर्ग किलोमीटर में फैली हैं. हेलीकॉप्टर की मदद से इन्हें और साफ‍-साफ देखा जा सकता है। इसके बारे में ऐसा भी कहा जाता है कि यहां दूसरे ग्रह से आईं UFO उतरे थे, जिसके चलते सतह पर इतनी संरचनाएं बनी थीं।

खिसकते हुए पत्थर, डेथ वैली, कैलिफोर्निया-


डेथ वैली के नाम से कुख्यात इस जगह पर सैकड़ों पत्थर मौजूद हैं। इस सूखे मरुस्थल पर अलग-अलग वजन के ये पत्थर बड़े रहस्यमयी ढंग से मौजूद हैं। कुछ पत्थर ऐसे लगते हैं जैसे वे घिसटते हुए आगे बढ़ रहे हैं. उनके पीछे लंबी लकीर मौजूद है. यहां मौजूद नजारा कुछ ऐसा है कि आप देखकर हैरान हो जाएंगे। किसी इंसान या जानवर के जरिए इन पत्थरों को घसीटने के सबूत नजर नहीं आते क्योंकि वहां मौजूद मिट्टी बिना छेड़छाड़ दिखाई देती है। कुछ लोगों का ऐसा मानना है कि भौगोलिक बदलाव या तूफान के चलते पत्थर कुछ इस तरह मौजूद हैं.

मिनेसोटा डेविल्स वॉटरफॉल-


इस झरने को रहस्यमयी माना जाता है , इस झरने में दो धाराएं ऊपर से गिरती है। एक धारा तो सामान्य धाराओं की तरह बहती है पर दूसरी रहस्यमयी धारा एक छेद में गिरकर कहां गायब हो जाती है, यह गुत्थी आज तक नहीं सुलझ पाई है। हैरानी की बात यह है कि ‘द डेविल्स कैटल’ नाम के छेद में आधी नदी का पानी समा जाता है।

इजिप्ट के मंदिर में छिपाकर रखे गए जूते-


पुरातत्वेत्ताओं को 2004 में खुदाई के दौरान एक अजीब चीज मिली। एक जार में उन्हें 7 जोड़ी जूते मिले. ये जूते बहुत ही अच्छी अवस्था में थे. दो जोड़ी जूते बच्चों के थे जबकि बाकी वयस्कों के, ऐसा कहा जाता है कि यह जार 2000 साल पहले जानबूझकर छिपा कर रखा गया था।