वैज्ञानिक भी नहीं सुलझा पाए भीमकुंड का रहस्य | Bhimkund Mystery

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साइंस चाहे जितनी मर्जी तरक्की कर ले लेकिन कुछ रहस्य ऐसे है जिनका पता लगाना बहुत ही मुश्किल है। आज के दौर में अगर लोग किसी भी रहस्यमयी चीज को देखते हैं तो सबसे पहले उसके पीछे के वैज्ञानिक कारणों को जानने की कोशिश करते हैं, मगर जब उन्हें कोई वैज्ञानिक कारण नहीं मिल पाता है तो वे सच में उसे प्रभावित करने लगती है। क्योंकि विज्ञान तय सिद्धांतों पर ही चलता है, हालांकि आध्यात्म और चमत्कार का कोई सिद्धांत नहीं होता है और आप ये भी जानते होंगे कि भारत में ऐसे रहस्यमयी स्थानों की कमी नहीं है जो आज भी वैज्ञानिकों के लिए एक रहस्य बनी हो।
दोस्तों भारत एक ऐसा देश है जो अपनी अद्भुत कला, संस्कृति, आध्यात्म और अनूठी भौगोलिक सरचना के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। इतना ही नहीं भारत का इतिहास अपने आप में बहुत से रहस्यों को समाये हुए है। जिसमें से एक है भीम कुंड। ये कुंड ऐसा कुंड है जिसका आंकलन आज तक कोई नहीं कर पाया। बड़े से बड़े वैज्ञानिक इसको समझने में फ़ैल हो गए। यानी इस कुंड का रहस्य आज भी कोई नहीं जानता। तो चलिए जानते हैं आखिर क्या है इस कुंड का ऐतिहासिक रहस्य जो वैज्ञानिकों से भी परे है।


यह कुंड मध्यप्रदेश के छत्रपुर जिले के बजना गांव में है। यह कठोर चट्टानों के बीच गुफा में स्थित है। आदिकाल से छतरपुर का भीमकुंड प्रसिद्ध तीर्थस्थान रहा है। यह कई ऋषियों, मुनियों व तपस्वियों की साधना का केंद्र रहा है। लेकिन बीते कुछ दशकों से यह स्थान धार्मिक आस्था के साथ-साथ वैज्ञानिकों के शोध केंद्र के रूप में भी विकसित होते जा रहा है। इसका कारण है भीमकुंड की रहस्यमयी गहराई, जो आज तक नापी नहीं जा सकी है। इसके बारें में कुछ लोगों का मानना है कि भीम कुंड एक शांत ज्वालामुखी है। पौराणिक कथाओं में इस जल कुंड को नारदकुंड और नील कुंड के नाम से भी जाना जाता है।


भीम कुंड का पानी इतना पारदर्शी है कि भीतर तक का नाजारा आसानी से देख सकते हैं। इसके पानी की तुलना मिनरल वाटर से की जाती है। यही वजह है कि भीम कुंड अपने आप में ही अद्भुत माना जाता है जो अपने भीतर कई रहस्य समाए हुए है। प्राचीन कथा के अनुसार जब द्रौपदी को प्यास लगी तो उन्होंने भीम को पानी लाने के लिए कहा और उनकी हर कोशिश के बाद भी उन्हें पानी नही मिला। तब गुस्से में उन्होंने गदा के प्रहार से ही इस कुण्ड का निर्माण करवाया और तब से ही यहाँ कभी पानी कम नही हुआ। इस कुण्ड ने आज भी हर तर्कशाश्त्री का तर्क गलत साबित किया है और भविष्य में भी इसके सुलझने की उम्मीद कम ही लगती है की इसका रहस्य सुलझाया जा सकेगा।

भीमकुंड के कुछ अनसुलझे रहस्य-
इस जलकुंड की गहराई नापने के लिए कई प्रयोग किए, लेकिन सफल नहीं हो पाई।
कहते है कि अगर कोई व्यक्ति पानी में डूब जाता है तो उसका शरीर पानी में तैरने लगता है लेकिन इस भीम कुंड में डूबे हुए व्यक्ति का शरीर मौत हो जोने के बाद ऊपर नहीं आता।
मान्यता है कि रहस्यमय कुंड आने वाली आपदा या अनहोनी के संकेतों को आसानी से भांप लेता है। जब भी कोई आपदा आने वाली होती है तो इसके पानी का स्तर बढ़ जाता है। भूकंप और सुनामी के संकेतों का भी पता चल जाता है।